‘छत्तीसगढ़ी गढ़कलेवा’ की ख़ास लाई बड़ी के साथ अपने भोजन और स्नैकिंग टाइम को और भी कुरकुरा और स्वादिष्ट बनाएं।
इसे ताज़े मुरमुरे (लाई), उड़द दाल के गाढ़े पेस्ट और चुनिंदा देसी मसालों को मिलाकर, शुद्ध ग्रामीण तरीके से कड़ी धूप में सुखाकर तैयार किया जाता है। गरम तेल में डालते ही यह सेकंडों में फूलकर हल्की, बड़ी और बेहद कुरकुरी हो जाती है।
चाहे शाम की कड़क चाय के साथ हल्का स्नैक हो या दाल-चावल की थाली में पापड़ का विकल्प — इसका क्रंच हर बाइट में एक प्रामाणिक स्वाद भर देता है। बिना किसी मिलावट के यह है 100% प्राकृतिक।




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